Modi Cabinet Decisions: ट्रांसपोर्ट से SME तक… इन दो फैसलों से बदलेगी देश की सूरत! मोदी कैबिनेट से मिली मंजूरी

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई केंद्रीय कैबिनेट बैठक में अर्थव्यवस्था और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े दो बड़े फैसलों को मंजूरी दी गई। सरकार ने ₹10,000 करोड़ के SME Growth Fund (SGF) की स्थापना को मंजूरी दी है। इसके साथ ही देश में परिवहन और लॉजिस्टिक्स की अलग-अलग व्यवस्थाओं को एक साथ जोड़ने के लिए Integrated Transport & Logistics Authority (ITLA) के गठन पर भी मुहर लगाई गई।
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए कहा कि दोनों पहल का मकसद देश की आर्थिक क्षमता और इंफ्रास्ट्रक्चर को अधिक एकीकृत और प्रतिस्पर्धी बनाना है।
छोटे कारोबारियों के लिए 10,000 करोड़ का Growth Fund
कैबिनेट ने SME Growth Fund के लिए सरकार की ओर से कुल ₹10,000 करोड़ की commitment को मंजूरी दी है। यह फंड ऐसे छोटे और मध्यम उद्यमों को growth-oriented capital उपलब्ध कराने के लिए बनाया जाएगा, जिनके सामने कारोबार को बड़े स्तर पर ले जाने के लिए long-term equity capital की कमी रहती है।
इस फंड के जरिए खासतौर पर मैन्युफैक्चरिंग, सर्विसेज, टेक्नोलॉजी, इनोवेशन और रणनीतिक वैल्यू चेन से जुड़े उद्यमों को विस्तार का अवसर मिलेगा।
सरकार के मुताबिक इसका फोकस ऐसे भारतीय उद्यम तैयार करने पर है, जो आगे चलकर बड़े और प्रतिस्पर्धी कारोबारी संस्थान बन सकें।
Manufacturing SMEs पर खास फोकस
SME Growth Fund के तहत manufacturing enterprises को क्षमता बढ़ाने, आधुनिक तकनीक अपनाने और बड़े बाजारों तक पहुंच बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
फंड के जरिए Tier-2 और Tier-3 शहरों में औद्योगिक गतिविधियों और स्थानीय सप्लाई चेन को भी बढ़ावा देने का लक्ष्य रखा गया है। इससे क्षेत्रीय स्तर पर निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
देश को मिलेगी नई Integrated Transport Authority
दूसरा बड़ा फैसला Integrated Transport & Logistics Authority (ITLA) के गठन से जुड़ा है।
ITLA देश में सड़क, रेलवे, बंदरगाह, विमानन, अंतर्देशीय जलमार्ग, तटीय शिपिंग, शहरी परिवहन और लॉजिस्टिक्स की एकीकृत योजना और समन्वय के लिए शीर्ष संस्था के तौर पर काम करेगी। इसका मकसद अलग-अलग परिवहन माध्यमों की योजना को अलग-अलग तरीके से बनाने के बजाय उन्हें एक साझा ढांचे में लाना है।
₹500 करोड़ से ज्यादा की परियोजनाओं पर नजर
ITLA ₹500 करोड़ से अधिक लागत वाली परिवहन और इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं का तकनीकी मूल्यांकन, निगरानी और प्रभाव आकलन करेगी। इसके साथ ही संस्था परियोजनाओं के दौरान आने वाली समस्याओं के समाधान के लिए केंद्र और राज्यों के बीच समन्वय में भी भूमिका निभाएगी।
बनेगा National Transport Data Repository
ITLA के तहत परिवहन क्षेत्र से जुड़े आंकड़ों को एकीकृत करने के लिए National Transport Data Repository विकसित किया जाएगा। इससे अलग-अलग परिवहन प्रणालियों से जुड़े डेटा का इस्तेमाल योजना बनाने, परियोजनाओं के मूल्यांकन और निगरानी में किया जा सकेगा। ITLA राष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स नीति और परिवहन योजनाओं के बीच बेहतर तालमेल पर भी काम करेगी।
विकसित भारत 2047 की दिशा में दो बड़े कदम
सरकार ने इन दोनों फैसलों को Viksit Bharat @2047 की व्यापक रणनीति से जोड़ा है। एक तरफ SME Growth Fund के जरिए छोटे और मध्यम उद्यमों को विस्तार के लिए पूंजी उपलब्ध कराने की कोशिश है, तो दूसरी ओर ITLA के जरिए देश के परिवहन नेटवर्क की planning और monitoring को एकीकृत करने का प्रयास किया गया है।
यानी कैबिनेट के दोनों फैसलों का फोकस अलग-अलग क्षेत्रों में है, लेकिन लक्ष्य उद्योगों की growth, बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और देश की आर्थिक प्रतिस्पर्धा को मजबूत करना है।
